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सरकारी कर्मचारियों व शिक्षकों के लिए सोशल मीडिया पर Reels/Shorts पर रोक

 वर्तमान समय में टिक-टॉक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब शॉर्ट्स जैसे प्लेटफॉर्म्स पर Reels/Short Videos बनाकर साझा करना युवाओं के साथ सरकारी कर्मचारियों तथा शिक्षकों में भी बहुत आम हो गया है। हालाँकि यही लोकप्रियता अब सरकारी नीति के चलते संभवतः प्रतिबंधित हो सकती है।

हाल ही में प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों द्वारा बिना अनुमति Reels या Short Videos बनाना और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करना अनुशासनात्मक पृष्ठभूमि में गलत माना जाएगा।

यह निर्णय सरकारी सेवा शर्तों, अनुशासन नियमों और पेशेवर प्रमाणिकता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।


🔹 क्या है नया आदेश?

प्रशासन ने कहा है कि:

✔ सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों द्वारा सोशल मीडिया पर बिना अनुमति
📌 Reels
📌 Short Videos
📌 Viral Content

बनाना अनुशासनात्मक नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और इस पर सख्त विभागीय कार्रवाई हो सकती है।


🔹 क्या Reels/Shorts पर पूरी तरह रोक है?

नया निर्देश यह है कि सरकारी कर्मचारी/शिक्षक:
✔ बिना अनुमति Reels/Shorts नहीं बना सकते
✔ सेवा या पोस्टिंग से संबंधित विज्ञापित कंटेंट नहीं डाल सकेंगे
✔ विभाग के नियमों के बाहरी प्रचार के लिए कंटेंट नहीं पब्लिश कर सकेंगे

बिना अनुमति जारी किया गया कंटेंट:
➡ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आधार बन सकता है
➡ सेवा से जुड़ी सुरक्षा/गोपनीयता का उल्लंघन समझा जाएगा
➡ कटौती, चेतावनी, स्थानांतरण या अवनति तक की कार्रवाई संभव


🔹 क्यों लिया गया यह कदम?

यह निर्णय मुख्य रूप से इसलिए लिया गया है ताकि:

📌 सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की पेशेवर छवि सुरक्षित रहे
📌 संवेदनशील विभागीय जानकारी लीक न हो
📌 नौकरी रक्षा और अनुशासन कायम रहे
📌 विवादस्पद व गलत जानकारी के प्रसार को रोका जा सके

सरकारी सेवाओं व कर्मचारियों का कर्तव्य और जिम्मेदारी सार्वजनिक समय में उचित व्यवहार और सीमित सोशल मीडिया उपयोग को प्राथमिकता देता है।


🔹 शिक्षकों व कर्मचारियों की प्रतिक्रिया

भारत भर में शिक्षक एवं सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहे हैं। इस नई नीति के बारे में प्रतिक्रिया मिली-जुली है। कुछ लोगों का कहना है कि:

✔ यह निर्णय संस्थागत अनुशासन को मजबूत करेगा
✔ सरकारी छवि को सार्वजनिक तौर पर सुरक्षित रखेगा

वहीं कुछ का मानना है कि:

❌ सोशल मीडिया स्वतंत्रता पर रोक लगेगी
❌ खुद की मीडिया पहचान बनाने में बाधा आयी

दोनों ही विचार सामाजिक मीडिया और सरकारी नियमों के बीच संतुलन बनाने के प्रयास को दर्शाते हैं।


🔹 क्या होगा यदि नियम तोड़ा गया?

यदि कोई कर्मचारी/शिक्षक बिना अनुमति Reels/Shorts बनाता/डालेगा तो उसके खिलाफ विभागीय नियमों के तहत:

🚫 अव्यवसायिक व्यवहार
🚫 अनुशासन उल्लंघन
🚫 सेवा शर्तों के खिलाफ कार्यवाही

जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। यह कार्रवाई चेतावनी से लेकर स्थानीय जुर्माने, सेवा कटौती और विभागीय जांच तक जा सकती है।

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