रायगढ़। नईदुनिया प्रतिनिधि
जिले में अपनी स्कूल छोड़कर अटैचमेंट में इधर-उधर काम कर रहे 208 शिक्षकों की अब घरवापसी होगी। नए शिक्षा सत्र के लिए शासन ने डीइओ को आदेश जारी किया है और अपनी मूल शाला से अन्यत्र संलग्न किए गए शिक्षकों को केवल अध्यापन कार्य में ही संलग्न करने के आदेश दिए हैं।
ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में स्कूलों में जाकर पढ़ाने की जगह शिक्षक आसपास की स्कूलों एवं बीइओ कार्यालय में संलग्न होने के लिए प्रयासरत रहते हैं। वहीं शिक्षा विभाग भी अध्यापन व्यवस्था के नाम पर शिक्षकों को उनकी मूल शाला से हटाकर अन्यत्र संलग्न करता है। शिक्षक से लेकर नेता एवं अफसरों के इस अटैचमेंट वाले खेल में रायगढ़ जिले में कुल 208 शिक्षक अपनी स्कूल छोड़कर दूसरे जगह कार्यरत हैं। इनमें से कई शिक्षक तो ऐसे हैं जो कि सालों से अटैचमेंट में अन्यत्र काम कर रहे हैं और दूरस्थ अंचल की स्कूलों में जाने की जगह आसपास की स्कूल व शासकीय कार्यालय में जगह बनाकर जमे हुए है लेकिन अब यह व्यवस्था बंद की जा रही है। शासन ने इसके लिए डीइओ को आदेश जारी किया है और गैर शिक्षकीय काम कर रहे शिक्षकों को तत्काल इससे हटाकर मूल शाला में लौटने के आदेश दिए हैं। इसके लिए अटैचमेंट में काम कर रहे सभी शिक्षकों की सूची भी शासन ने मांगी है। जिससे ऐसे शिक्षकों की बैचेनी बढ़ गई है।
जिले में अपनी स्कूल छोड़कर अटैचमेंट में इधर-उधर काम कर रहे 208 शिक्षकों की अब घरवापसी होगी। नए शिक्षा सत्र के लिए शासन ने डीइओ को आदेश जारी किया है और अपनी मूल शाला से अन्यत्र संलग्न किए गए शिक्षकों को केवल अध्यापन कार्य में ही संलग्न करने के आदेश दिए हैं।
ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में स्कूलों में जाकर पढ़ाने की जगह शिक्षक आसपास की स्कूलों एवं बीइओ कार्यालय में संलग्न होने के लिए प्रयासरत रहते हैं। वहीं शिक्षा विभाग भी अध्यापन व्यवस्था के नाम पर शिक्षकों को उनकी मूल शाला से हटाकर अन्यत्र संलग्न करता है। शिक्षक से लेकर नेता एवं अफसरों के इस अटैचमेंट वाले खेल में रायगढ़ जिले में कुल 208 शिक्षक अपनी स्कूल छोड़कर दूसरे जगह कार्यरत हैं। इनमें से कई शिक्षक तो ऐसे हैं जो कि सालों से अटैचमेंट में अन्यत्र काम कर रहे हैं और दूरस्थ अंचल की स्कूलों में जाने की जगह आसपास की स्कूल व शासकीय कार्यालय में जगह बनाकर जमे हुए है लेकिन अब यह व्यवस्था बंद की जा रही है। शासन ने इसके लिए डीइओ को आदेश जारी किया है और गैर शिक्षकीय काम कर रहे शिक्षकों को तत्काल इससे हटाकर मूल शाला में लौटने के आदेश दिए हैं। इसके लिए अटैचमेंट में काम कर रहे सभी शिक्षकों की सूची भी शासन ने मांगी है। जिससे ऐसे शिक्षकों की बैचेनी बढ़ गई है।