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व्यापमं की लापरवाही! शिक्षकों के 15000 पदों पर नहीं कराई ज्वाइनिंग, अब नए पदों पर फिर निकाली भर्तियां

 भोपालः मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में होने वाली प्राइमरी स्कूल टीचर भर्ती में अब नयी धांधली सामने आयी है. जहां व्यापमं ने पहले आयोजित हुई भर्ती परीक्षा में पास हुए आवेदकों की ज्वाइनिंग अब तक नहीं कराई है. वहीं दूसरी तरफ नए पदों पर शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

मांग:अतिथि शिक्षकों को मिला भाजपा का समर्थन

 चार दिन से दंतेवाड़ा में धरना दे रहे अतिथि शिक्षकों को समर्थन देते भाजपा नेता पहुंचे और अतिथि शिक्षकों की मांगों को जायज बताया। दंतेवाड़ा जिले में 251 अतिथि शिक्षक हैं, जो जिला मुख्यालय में धरना दे रहे हैं। अतिथि शिक्षकों

परेशानी:संविलियन हुए शिक्षकों का वेतन समय पर भुगतान करने बीईओ काे सौंपा ‌‌ज्ञापन

 छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन डौंडीलोहारा ने 1 नवंबर को संविलियन हुए 77 शिक्षकों के वेतन समय पर भुगतान न हो पाने पर बीईओ से मुलाकात कर ‌‌ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया है कि यदि समय पर इन शिक्षकों को वेतन

नए साल पर संविदा चिकित्सा शिक्षकों को सरकार ने दी बड़ी सौगात, सैलरी बढ़ाने की मांग पर लगाई मुहर

 रायपुर: छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने प्रदेश के संविदा चिकित्सा शिक्षकों को नए साल की सौगात दी है। दरअसल सरकार ने संविदा चिकित्सकों की सैलरी में बढ़ोतरी की मांग पर मुहर लगा दी है, बताया जा रहा है कि बढ़ी हुई सैलरी जनवरी माह से मिलेगी। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।

बदलाव:कोरोना काल में एयू ने 612 शिक्षकों को दिया कंप्यूटर प्रशिक्षण, अब वे ऑनलाइन ले रहे छात्रों की कक्षाएं

 कोराेना काल में पढ़ाई से लेकर परीक्षाएं तक रुक गई थीं। इस दौरान मात्र छात्रों की परीक्षा और पढ़ाई के लिए ऑनलाइन माध्यम बचा था, लेकिन समस्या ये थी कि अधिकांश शिक्षक इसके पहले कभी छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कराए थे। अटल यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस विभाग द्वारा एयू से संबद्ध 198 कॉलेजों के 2850 शिक्षकों पर सर्वे किया गया।

इसमें सामने आया कि 1120 शिक्षकों को कंप्यूटर सहित ऑनलाइन पढ़ाने वाले साफ्टवेयर की जानकारी नहीं है, इसलिए वे छात्रों को पढ़ा नहीं पा रहे हैं। इसके बाद कंप्यूटर साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एचएस होता ने दो सप्ताह तक 612 को कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया। इसमें उन्हें कंप्यूटर चालू करने से लेकर ऑनलाइन पढ़ाई कराने वाले साफ्टवेयर, गूगल मीट, जूम, वेबेक्स, माइक्रोसाफ्ट टीम सहित अन्य के बारे में जानकारी दी गई।

साथ ही उन्हें मेल के माध्यम से छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने का प्रशिक्षण दिया। इस प्रशिक्षण में पूरे प्रदेश से शिक्षक शामिल हुए थे। इसके बाद कॉलेजों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हुईं। शासन ने भी जिन कॉलेजों में जिस विषय के शिक्षक नहीं है, उन्हें ऑनलाइन पढ़ाने के लिए बिलासपुर का अग्रणी साइंस कॉलेज को जिम्मेदारी दे दी। अब प्रतिदिन यहां से 5 कक्षाएं संचालित हो रही हैं। छात्र जुड़ रहे हैं।

198 कॉलेजों में थे मात्र 1850 कंप्यूटर अब स्मार्ट क्लास बना रहे
अटल यूनिवर्सिटी से संबद्ध 198 कॉलेजों में कोविड-19 के पहले 1850 कंप्यूटर थे। यह जानकारी तब सामने आई, जब उच्च शिक्षा ने छात्रों की परीक्षाएं कराने सभी कॉलेजों से कंप्यूटर की जानकारी मांगी। इसके बाद सभी को निर्देश कंप्यूटर लैब बनाने आदेश जारी हुआ। अब एयू के अधिकांश कॉलेजों में 100 से अधिक कंप्यूटर का लैब बनकर तैयार हो गया है। स्मार्ट क्लास बनाए जा रहे हैं। जिससे ऑनलाइन कक्षाएं भी चल रही हैं और उनका लेक्चर रिकार्ड भी हो रहा है।

पहले कभी ऑनलाइन नहीं पढ़ाया था प्रशिक्षण के बाद लगातार ले रहा कक्षाएं
शासकीय कॉलेज हसौद के प्राध्यापक डॉ. अजय कुमार बघेल ने बताया कि कोविड-19 के पहले कभी ऑनलाइन कक्षा नहीं लिया था। इसकी जानकारी भी नहीं थी। एयू द्वारा जो प्रशिक्षण दिया गया, उसमें सभी चीजें सिखाई गईं। इसके बाद से लगातार छात्रों की ऑनलाइन कक्षाएं ले रहा हूं। जीडीसी कॉलेज के डाॅ. कवेरी दाभड़कर ने बताया कि प्रशिक्षण से ही ऑनलाइन कक्षाएं लेने का तरीका सीखा और आज पढ़ा रही हूं। प्रशिक्षण के एयू के शिक्षकों ने 100 से ज्यादा वीडियो लेक्चर तैयार कर छात्रों को उपलब्ध करा दिया है।

सदन में गूंजा अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का मामला

 रायपुर (नईदुनिया, राज्य ब्यूरो)। विधानसभा में प्रश्नकाल में भाजपा विधायक कृष्णमूर्ति बांधी ने विद्यामितानों की नियुक्ति और वेतन का मुद्दा उठाया। स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि विद्यामितान कोई नहीं है,

नियमितीकरण की मांग पर अड़े विद्या मितान, पुलिस ने भांजी लाठियां, बघेल सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

 रायपुरः नियमितीकरण की मांग कर रहे विद्या मितान (अनियमित शिक्षक) विधानसभा का घेराव करने पहुंचे,  इस दौरान विद्या मितानों ने बघेल सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.  विधानसभा की तरफ बड़ रहे विद्या मितानों को पुलिस ने बीच में ही रोक लिया, जिससे विद्या मितानों और पुलिस की बीच झड़प हो गयी. आक्रोशित हुए विद्या मितानों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया. इस दौरान कई महिला विद्या मितानों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एम्बुलेंस बुलाकर अस्पताल ले जाने की नौबत भी आई, जिससे यहां काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही.

नियमितीकरण की मांग को लेकर विद्या मितानों का फूटा गुस्सा, उग्र हुआ प्रदर्शन

 छत्तीसगढ़ में बीते 2 सालों से विद्या मितान, नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं. इसी को लेकर पिछले 63 दिनों से बूढ़ा तालाब के बाहर उनका प्रदर्शन जारी है. लेकिन आज हजारों की संख्या में विद्या मितान रायपुर पहुंच गए

रोजगार के मुद्दे पर बवाल:रायपुर में सड़क पर विद्या मितानों और पुलिस के बीच झड़प, विधानसभा में विपक्ष ने किया वॉक आउट

 रायपुर में सोमवार की दोपहर सड़क से सदन तक बेरोजगारी का मुद्दा गर्म रहा। धरनास्थल के पास विद्या मितानों (अनियमित शिक्षक) ने रैली निकाल कर नारेबाजी की। दूसरी तरफ विपक्ष ने शिक्षकों की भर्ती और विद्या मितानों के काम को लेकर सवाल उठाए। सरकार से तीखी बहस के बाद विपक्ष सदन से बाहर चला गया। दूसरी तरफ धरनास्थल के पास रोजगार और नियमितिकरण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे विद्या मितानों और पुलिस के बीच झूमाझटकी हुई।

Chhattisgarh: सदन में गूंजा अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति और नियमित शिक्षकों की भर्ती में देरी का मामला

 रायपुर। Chhattisgarh: प्रश्नकाल में बीजेपी विधायक कृष्णमूर्ति बांधी ने विद्यामितानों की नियुक्ति और वेतन का मुद्दा उठाया। जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा- विद्यामितान कोई नहीं हैं, अतिथि शिक्षक हैं, अतिथि शिक्षक की व्यवस्था सुदूर इलाकों के लिए की गई थी, अतिथि शिक्षक की नियुक्ति शासन द्वारा नहीं की गई है, शाला प्रबंधन द्वारा ये व्यवस्था की गई, 2220 अतिथि शिक्षकों की संख्या है, अतिथि शिक्षक अंतरिम व्यवस्था है।

35 लाख बच्चों के आकलन में पिछड़े अफसर, आनलाइन नहीं हो पाए शिक्षक

 रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूल के बच्चों को पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के तहत आनलाइन पढ़ाने और आकलन करने के दावों की हवा निकल गई है। आलम यह है कि प्रदेश में पहली से आठवीं तक के बच्चों को पढ़ाने और उनका आकलन करने के लिए एक लाख 35 हजार शिक्षक हैं, लेकिन आनलाइन

छत्तीसगढ़ के शिक्षकों को सिखाएंगे प्रोजेक्टर और इंटरनेट पर पढ़ाना, 24 घंटे का चैनल शुरू

 रायपुर (नईदुनिया)। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों के बच्चों को नए सत्र में भी आनलाइन पढ़ाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने कार्ययोजना बना ली है। कोरोना महामारी के कारण अभी भी राज्य में स्कूलों के खुलने को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई है। लिहाजा शिक्षकों को अब इंटरनेट पर पढ़ाने और प्रोजेक्टर का इस्तेमाल करने के

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