अंबिकापुर(निप्र)। सरगुजा जिले में पदस्थापना के लिए व यहां से दूसरे
जिले में जाने के लिए आए शिक्षाकर्मियों के सैकड़ों आवेदन दरकिनार कर दिए गए
हैं। खासकर सहायक शिक्षक पंचायत के करीब 42 आवेदनों पर सरगुजा जिला पंचायत
में सहमति ही नहीं दी। यहां पहले से इस वर्ग के बड़ी संख्या में
शिक्षाकर्मी अतिशेष हैं। वहीं व्याख्याता पंचायत व शिक्षक पंचायत के भी कई
आवेदनों पर विचार भी नहीं किया गया।
Stay updated with the latest news, teacher recruitment, government schemes, and education updates in Chhattisgarh. All official education news for CG teachers in one place.
Important Posts
Advertisement
घरेलू औरतें क्या-क्या रोजगार कर सकती हैं?
नई दिल्ली. भारतीय समाज में महिलाओं का विशिष्ट स्थान रहा हैं। घरेलू महिला और कामकाजी महिला की समाज में अहम भूमिका रही है, लेकिन आमतौर पर महिलाओं के सामने यह समस्या आती है कि वे अपने घर और परिवार का ख्याल रखने के चक्कर में उन्हें कॅरियर से समझौता करना पड़ता है।
शिक्षकों ने जलाई आदेश की होली
खंडवा। संविदा शिक्षक व अध्यापकों के लिए जारी छठे वेतनमान के गणना
पत्रक को लेकर शिक्षक संगठनों में आक्रोश है। प्रदेश शासन द्वारा पत्रक
जारी होने के बाद बुधवार को शिक्षक संगठनों ने जिला शिक्षा अधिकारी
कार्यालय के बाहर इस आदेश की होली जलाई। इसके साथ ही प्रदेश शासन के खिलाफ
जमकर नारेबाजी की।
61 के बजाय अब 50 दिन में करानी होगी परीक्षा
बिलासपुर(निप्र)। शासन ने नए सत्र में मुख्य परीक्षा की अवधि में कटौती
की है। कॉलेज-यूनिवर्सिटी को जारी ऐकेडमिक कैलेंडर में परीक्षा 61 के बजाय
50 दिन में निपटाने का आदेश दिया है। इसके अलावा प्रोफेसरों को भी साल में
एक सप्ताह अधिक पढ़ाना होगा। अब तक कैलेंडर का पालन करने में असफल रहे
बिलासपुर विश्वविद्यालय के लिए यह बड़ी चुनौती होगी।
पांच माह पहले जिस स्कूल से अतिशेष बताकर शिक्षकों को हटाया, वहीं दे रहे पदस्थापना
महासमुंद (ब्यूरो)। जिला पंचायत एवं शिक्षा विभाग में इन दिनों
पति-पत्नी आधार पर स्थानांतरित होकर आए शिक्षकों को उनके मनचाहे जगहों पर
पदस्थापना देने का खेल चल रहा है। इस खेल में यह भी नजरअंदाज किया जा रहा
है कि बीते कुछ महीने पहले जिन स्कूलों के शिक्षकों को अतिशेष बताकर अन्य
स्कूल स्थानांतरित किया गया है, उन्हीं स्कूलों में स्थानांतरण से आए नवागत
शिक्षकों को भेजा जा रहा है।
हाईकोर्ट का स्टे, डीईओ ने ताला तोड़कर संभाली कुर्सी
बैकुंठपुर । कोरिया जिला शिक्षा अधिकारी कामायनी कश्यप ने हाईकोर्ट
बिलासपुर के द्वारा 31 मई को दिए आदेश के आधार पर 1 मई को बैकुंठपुर जिला
शिक्षा अधिकारी के कक्ष का चाबी मांगने पर जब नही मिलने पर ताला तोड़कर
प्रवेश किया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी कामायनी कश्यप ने प्रेस
कांन्फेंस कर बताया कि उन्हे हाईकोर्ट से गत दिवस स्थगन आदेश मिला है।
शर्मनाक: स्कूल में छात्राओं को I Love You कहते हैं गुरु जी, कराते हैं बॉडी मालिश
रायपुर। शिक्षा का स्तर इस कदर गिरता जा रहा है कि कुछ गुरु घंटाल अब ब्लैकबोर्ड पर छात्राओं से 'आई लव यू' और 'किस मी' लिखवा रहे हैं। मामला छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले का है। यहां एक टीचर पर छात्राओं से मालिश करवाने और उनका शोषण करने का आरोप लगा है। शिक्षक के इस घिनौने करतूत से छात्राओं ने अब स्कूल जाना छोड़ दिया है। जिला कलेक्टर ने मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक जशपुर के बगीचा ब्लॉक के शासकीय माध्यमिक शाला, ढोढरआंबा के टीचर विक्रम तिर्की पर करीब दर्जन भर छात्राओं ने अभद्र व्यवहार और यौन प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित छात्राओं ने बताया कि कि शिक्षक विक्रम तिर्की नशे की हालत में स्कूल आते हैं और छात्राओं से गलत व्यवहार करते हैं। छात्राओं ने बताया कि विक्रम ने उन्हें 1-4-3 का मतलब बताते हुए कहा कि इसका मतलब ''मैं तुमसे प्यार करता हूं'' होता है।
Sponsored link :
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
जानकारी के मुताबिक जशपुर के बगीचा ब्लॉक के शासकीय माध्यमिक शाला, ढोढरआंबा के टीचर विक्रम तिर्की पर करीब दर्जन भर छात्राओं ने अभद्र व्यवहार और यौन प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित छात्राओं ने बताया कि कि शिक्षक विक्रम तिर्की नशे की हालत में स्कूल आते हैं और छात्राओं से गलत व्यवहार करते हैं। छात्राओं ने बताया कि विक्रम ने उन्हें 1-4-3 का मतलब बताते हुए कहा कि इसका मतलब ''मैं तुमसे प्यार करता हूं'' होता है।
विक्रम छात्राओं से कहता है मैं डॉन हूं और जैसा कहता हूं वैसा करो और लिखो। छात्राओं ने आरोप लगाया है कि विक्रम अपने शरीर की मालिश कराने का दबाव भी बनाता हैं। कई बार लड़कों को बाहर भेजकर बड़ी लड़कियों को अपने नजदीक बुलाता है और उन्हें गलत नीयत से टच करता है। एक पीड़ित छात्रा ने बताया कि विक्रम बड़ी छात्राओं को खुलेआम आई लव यू बोलता है। ब्लैक बोर्ड में भी आई लव यू लिखकर पढ़ाता है। घटना के सामने आने के बाद एसडीएम ने मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई की बात की है।
Sponsored link :
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
सरकारी जॉब न्यूज - Sarkari Naukri : सरकारी नौकरी 2016 - Latest Jobs Update
- जीएसआई भर्ती में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया 209 ड्राइवर के पद : अंतिम तिथि – 26 जुलाई 2016
- नौसेना शिप रिपेयरिंग यार्ड भर्ती में 67 ट्रेड अपरेंटिस के पद : अंतिम तिथि – 30 जून 2016
- आरआईई भुवनेश्वर भर्ती में 29 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद : अंतिम तिथि – 10 जून 2016
- सीएमएफआरआई भर्ती में 20 स्किल्ड सपोर्ट स्टाफ के पद : अंतिम तिथि – 26 जून 2016
100 करोड़ की कंपनी का मालिक बना एक पिछड़े गांव के कुली का बेटा
नई दिल्ली वयनाड के छोटे से गांव चेन्नालोड में पले बढ़े पी सी मुस्तफा की सक्सेस स्टोरी ऐसी है कि हर कोई उनके जैसी मेहनत कर आगे बढऩा चाहेगा। मुस्तफा ने बचपन में ही सोच लिया था कि वह व्यवसायी बनेंगे और ग्रामीण लोगों को रोजगार देंगे। लेकिन उन्होंने जैसा सोचा वह कर दिखाया।
सरकार ने कहा-पहले सरेंडर करो बेकाम के पद, तब देंगे महिला अध्ययन केंद्र के लिए वचनबद्धता
रायपुर(निप्र)। पंडित रविशंकर शुक्ल विवि में चल रहे महिला अध्ययन
केंद्र के पदों को भरने के लिए उच्च शिक्षा विभाग वचनबद्घता नहीं दे रहा
है। दो साल पहले विभाग ने रविवि के वचनबद्घता देने के प्रस्ताव को ठुकराते
हुए यह सवाल उठाया था कि अध्ययन केंद्र का औचित्य क्या है?
अध्यापकों ने छात्रों से पार्टी के नाम पर मांगी शराब, मुर्गा और पैसा
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के एक स्कूल के शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगे हैं. मामला केरलापाल ग्राम पंचायत के मिडिल स्कूल के प्रधानाचार्य और एक शिक्षक ने टी.सी. देने के नाम पर छात्र-छात्राओं से पैसा, शराब और मुर्गे की मांग कर डाली.
पहले नियुक्ति और अब शिक्षकों की पात्रता परीक्षा !
रायपुर। राज्य के स्कूलों में ऐसे शिक्षाकर्मी, जो कि बगैर टीईटी
(अध्यापक पात्रता परीक्षा) पास होकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें जुलाई
में होने वाली टीईटी में शामिल होने के लिए कहा जा रहा है। वहीं इस मामले
में शिक्षाविदें का कहना है कि पहले नियुक्ति और फिर पात्रता का परीक्षण
करना गलत है। सरकार अपनी चूक को छिपाने के लिए शिक्षकों पर बोझ डाल रही है।
Subscribe to:
Posts (Atom)