बिलासपुर(निप्र)। शिक्षकों की ट्रेनिंग में लाखों रुपए फूंकने वाले स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों का दावा है कि 10 वीं कक्षा का कोर्स समय पर पूरा कर लिया गया था। जिले में शिक्षक की कमी भी काफी हद तक दूर कर ली गई है। इसके बाद भी निराशाजनक परिणाम ने विभाग की योजनाओं की हवा निकाल कर रख दी है।
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SSC result : मां करती हैं मजदूरी, बेटी ने 10वीं बोर्ड मेरिट में पाया दूसरा स्थान
जाजंगीर। छत्तीसगढ़ 10वीं बोर्ड की परीक्षा का रिजल्ट गुरुवार सुबह जारी कर दिया गया। जांजगीर की ही सुरुचि साहू ने टॉप टेन में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। वे अपने नाना के घर में रहकर पढ़ती हैं और आगे चलकर इंजीनियर बनना चाहती हैं। सुरुचि की मां मजदूरी करती हैं।
पटवारी और सचिव पर गिरी गाज
मुंगेली(निप्र)। कलेक्टर किरण कौशल ने गुरुवार को लोक सुराज अभियान के दूसरे दिन जिले के विकासखंड लोरमी के आधा दर्जन से अधिक गांवों का सघन भ्रमण कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों की शिकायत पर ग्राम लालपुर के पटवारी सुशील एक्का और शौचालय निर्माण कार्यों में प्रगति कम पाए जाने पर एवं लापरवाही बरतने पर ग्राम पंचायत सचिव ढ़ाल भार्गव को मौके पर निलंबित करने के निर्देश दिए।
जयप्रकाश का दसवीं बोर्ड परीक्षा में नौंवा स्थान
धमतरी। धमतरी के सरस्वती शिशु मंदिर उमावि के छात्र जयप्रकाश साहू ने दसवी बोर्ड परीक्षा के प्रदेश के टॉप टेन में 96.33 प्रति अंक हासिल कर नौंवा स्थान बनाया है। गणित विषय में 100 में 100 अंक हासिल किया है। वह इसी विषय पर आगे की पढ़ाई कर साफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता है।
12वीं में सुधरा जिले का रिकार्ड, टॉप टेन से चूके
कांकेर। बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष बारहवीं का परीक्षा परिणाम बेहतर रहा। परीक्षा परिणाम बेहतर होने के बाद भी जिले का कोई भी छात्र टॉप टेन में जगह बनाने में कामयाब नहीं हो सका।
गुरूवार को बारहवीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित हुए। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष परीक्षा परिणाम बेहतर रहे। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी बालिकाएं बालकों से आगे रही।
CG board: बेटियों का दबदबा कायम
राजनांदगांव
.शिक्षा गुणवत्ता पर सालभर विशेष ध्यान दिए जाने के बाद भी जिले में
बारहवीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम अपेक्षा के अनुरूप बेहतर नहीं आया। जिलेभर
का परिणाम 73.11 प्रतिशत रहा। जबकि बीते सत्र परिणाम 74 प्रतिशत आया था।
इसमें बढ़ोतरी होने की बजाय 1 प्रतिशत की कमी आई है।
शिक्षकों की नियुक्ति नहीं करना शासन का नीतिगत निर्णयः हाईकोर्ट
बिलासपुर(निप्र)। हाईकोर्ट ने शिक्षकों की नियुक्ति नहीं करने को शासन का नीतिगत निर्णय माना है। इसे चुनौती देने वाली याचिका पर कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।
राज्य शासन ने 25 अप्रैल 2014 को शिक्षक(पंचायत) और सहायक शिक्षक(पंचायत) भर्ती पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी थी। मधु साहू, तिलक राम महंत, कमलेश्वर पटेल समेत अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल राज्य शासन के इस निर्णय को चुनौती दी।
अतिशेष शिक्षक नहीं जाएंगे बाहर
इस्पात टाइम्स/रायगढ़। शिक्षा कर्मियों के विरोध के बाद अंतत: अतिशेष
शिक्षकों को राहत मिल ही गई है क्योंकि जिले के अतिशेष शिक्षकों को अब
युक्तियुक्तकरण के तहत जिले से बाहर नहीं भेजा जा सकेगा। छत्तीसगढ़ शासन के
युक्तियुक्तकरण के तहत जिले के अतिशेष शिक्षकों को अन्य जिले में भेजने के
आदेश पर हाईकोर्ट बिलासपुर ने स्थगन आदेश जारी किया है।
शिक्षक कम, स्कूल भी नहीं आ रहे, तालाबंदी की चेतावनी
ब्लाक
मुख्यालय से 6 किमी दूर ग्राम परसाबुड़ा के प्राथमिक शाला शिक्षकों की
अनुपस्थिति और कमी से जूझ रहा है। वर्तमान में शाला में तीन शिक्षक हैं। एक
लगातार अनुपस्थित है और दो शिक्षकों के भरोसे छात्रों की पढ़ाई नहीं हो
पाती। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने स्कूल में ताला जड़ने की चेतावनी दी
है।
फर्जी डिग्री से प्रमोशन, दो शिक्षाकर्मी निलंबित
लंबे समय से चली आ रही उहापोह की स्थिति हुई समाप्त
आरोप प्रत्यारोप के बीच की गई कार्रवाई
रायगढ़ (निप्र)। बीते दो साल से अधिक समय से फर्जी यूनिवर्सिटी डिग्री मामले में चली आ रही उहापोह की स्थिति साफ हो गई है। प्रशासन द्वारा अंततः फर्जी डिग्री से प्रमोशन मामले में दो शिक्षक पंचायत को निलंबित कर दिया है।
फर्जी डिग्री के सहारे बन गई शिक्षक
थाना भराड़ी के अंतर्गत फर्जी डिग्री के सहारे शिक्षक बनने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज करते हुए छानबीन शुरू कर दी है।
हालांकि, अभी तक फर्जी डिग्री के इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। फर्जी डिग्री कैसे शिक्षिका ने हासिल की, इसको लेकर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार बीएड की यह डिग्री बाहरी राज्य से संबंधित है।
हालांकि, अभी तक फर्जी डिग्री के इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। फर्जी डिग्री कैसे शिक्षिका ने हासिल की, इसको लेकर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार बीएड की यह डिग्री बाहरी राज्य से संबंधित है।
अतिशेष सहायक शिक्षकों की कम नहीं हो रही मुश्किलें
इस्पात टाइम्स/रायगढ़। जिले के करीब सवा छह सौ अतिशेष सहायक शिक्षकों की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं हैं। इन शिक्षकों को जिले से बाहर भेजने की तैयारी भी की जा चुकी है, लेकिन एकल शिक्षकीय स्कूलों में उनकी पदस्थापना के निर्देश दिए गए। जिससे अतिशेष शिक्षकों को जिले में रहने की उम्मीद बंधी है। हालांकि जिला पंचायत में एकल शिक्षकीय स्कूलों में पदस्थापना के लिए बुलाई गई काउंसिलिंग में पद से ज्यादा लोगों के पहुंचने पर उम्मीदों पर पानी फिर गया।
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